इंदौर में ज्वेलरी व्यवसाय का बड़ा नाम डिवाइन ज्वेलर्स धोखाधड़ी और गबन में उलझ गया है। आरोप है कि डिवाइन ज्वेलर्स के कर्ताधर्ताओं ने कर्नाटका बैंक की इंदौर शाखा से व्यवसाय के लिए लाखों रुपए का लोन लेकर लोन की शर्तों व नियमों के विपरीत पूरे गड़बड़झाले को अंजाम दिया है।
मामले में क्राइम ब्रांच ने जांच के बाद डिवाइन ज्वेलर्स के कर्ताधर्ताओं पर धोखाधड़ी, गबन और षड्यंत्र के दो केस किए हैं। डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश कुमार त्रिपाठी के अनुसार क्राइम ब्रांच ने कर्नाटका बैंक इंदौर ब्रांच के प्रबंधक की शिकायत पर न्यू पलासिया से संचालित डिवाइन ज्वेलर्स प्रालि के सफायर एवेन्यू एमजी रोड निवासी दिलीप कुमार सोनी, मनोज पिता गौरीशंकर सोनी, गौरीशंकर पिता इदान सोनी, राजेश कुमार पिता गौरीशंकर सोनी और जमानतदार कंचना पिता दीपचंद सोनी पर कार्रवाई की गई है।
बैंक प्रबंधक अमित कुमार चट्टोराज और ऑडिटर मिलिन न्याति की रिपोर्ट के बाद जांच पर कार्रवाई की है। मामले की जांच क्राइम ब्रांच के एसीपी राकेश कुमार गुरगेला ने की थी। डिवाइन ज्वेलर्स के बैंक स्टेटमेंट, साल 2019-20 के इनकम टैक्स स्टेटमेंट, इसी वर्ष के जीएसटी स्टेटमेंट, ऑडिट बैलेंस सीट, लोन सेंसन पेपर और सेल पर्चेस की जानकारी निकालकर जांच में लिया गया था।
ऑडिटर मिलिन न्याति ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि उन्होंने 20 मार्च 2021 को डिवाइन ज्वेलर्स का ऑडिट कराया। डिवाइन ज्वेलर्स ने बैंक को दिसंबर 2020 में 80 लाख रुपए से ज्यादा की ज्वेलरी का स्टॉक बताया था जो कि ऑडिट में 74 लाख की ज्वेलरी का पाया गया। लोन की टर्म और कंडीशन के अनुसार लोन राशि का उपयोग केवल ज्वेलरी व्यवसाय के लिए करना था, लेकिन डिवाइन ज्वेलर्स ने रुपए निजी कामों के भुगतान और अन्य लोगों व कंपनियों को फंड डायवर्शन करने में किया। 73 लाख रुपए ओजस्वी जैन, सनत जैन, तारा जैन, अर्जुन सिंह, प्रीति देवी, कपिल जैन, भारती जैन, रामविहारी श्रीवास्तव, प्रीति सारस्वत को ट्रांसफर किए। स्टॉक को बिना बिल के कच्चे में बेचा और रुपए वर्किंग केपिटल अकाउंट में जमा नहीं कराए।
उक्त नौ लोगों में से अकेले प्रीति सारस्वत को नौ लाख रुपए दिए। प्रीति सारस्वत को कोविड के दौरान सोना खरीदी का बिल देना बताया। बिल व दिए गए चेक की तारीख में अंतर मिला। यानि संदिग्ध लेनदेन को सही दिखाने की कोशिश की गई।
उक्त सभी नौ लोगों को दिए गए पेमेंट को साल 2019 की बैलेंस सीट में भी बताया गया, जबकि खरीदारी 2020 में हुई। वहीं, क्राइम ब्रांच ने एक दूसरा केस भी डिवाइन ज्वेलर्स के दिलीप कुमार सोनी, मनोज कुमार सोनी, गौरीशंकर सोनी, राजेश कुमार सोनी और कंचना सोनी के साथ-साथ पूनम सोनी और नेहा सोनी पर दर्ज किया है। इस मामले में आरोपियों ने 1,34,78,360 रुपए का गबन और धोखाधड़ी की है। उक्त तरीके से इन रुपयों का व्यवसाय में उपयोग करने के बजाय 15 लोगों देने में किया गया।
मुनाफा दिलाने के नाम पर 29 लाख रुपए ठगे
वहीं, क्राइम ब्रांच ने धंनजय कुमार तिवारी निवासी बी श्रीजी बिचौली मर्दाना की शिकायत पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया। तिवारी ने बताया कि 10 जून 2024 को उनके साथ ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग के माध्यम से लजार्ड फंड कंपनी मुबई ने प्राइमरी खाता व एपलिकेशन में ट्रैडिंग करवाकर बडा मुनाफा दिलाने का झांसा देते हुए उनसे 29.60 लाख रुपए की धोखाधड़ी की।