स्कूली वाहनों में बच्चों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता न हो, एसडीएम भितरवार ने स्कूल संचालकों की बैठक लेकर किया आगाह

डबरा हरीशंकर साहू indialive24news

डबरा/ भितरवार ब्रेकिंग

स्कूली वाहनों में बच्चों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता न हो

कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी ने दिए निर्देश गाइडलाइन का पालन न होने पर करें कार्रवाई

कलेक्टर ने अभिभावकों से भी की अपील कि बच्चों को असुरक्षित वाहन में न भेजें

एसडीएम भितरवार ने स्कूल संचालकों की बैठक लेकर किया आगाह

ग्राम गोहिंदा में हुई थी स्कूली वैन में आग लगने की घटना, सभी बच्चे सुरक्षित

डबरा/भितरवार/जिले की भितरवार तहसील के ग्राम गोहिंदा में स्कूली बच्चों को लेकर जा रही एक वैन में आग लगने की घटना को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने जिले के सभी एसडीएम व क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी को स्कूली वाहनों के निरीक्षण के संबंध में पूर्व में जारी किए गए दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि स्कूली वाहनों के संबंध में माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी गाइडलाइन का हर हाल में पालन कराएँ, गाइडलाइन का उल्लंघन मिलने पर सख्त कार्रवाई करें। कलेक्टर श्रीमती चौहान ने जिलेवासियों से भी अपील की है कि वे अपने बच्चों को असुरिक्षत वाहन में स्कूल न भेजें।

एसडीएम भितरवार श्री डी एन सिंह ने बताया कि शनिवार को गोहिंदा ग्राम से स्कूली बच्चों को लेकर निजी स्कूल के लिये जा रही एक वैन में अचानक आग लग गई थी। ग्राम पंचायत गोहिंदा की सरपंच के पति श्री सोनू दुबे ने सूझबूझ का परिचय देकर ग्रामीणों के सहयोग से बच्चों को सुरक्षित निकाल लिया। इसके लिये श्री सोनू दुबे को जिला प्रशासन की ओर से सम्मानित किया गया है। सभी बच्चे पूरी तरह सुरक्षित हैं। जली हुई वैन को पुलिस ने जब्त कर थाने में रखवाया है और आगे की कार्रवाई जारी है।

इस घटना के बाद एसडीएम भितरवार श्री सिंह ने तत्काल भितरवार क्षेत्र के सभी निजी स्कूलों के संचालकों व प्राचार्यों की बैठक ली। उन्होंने बैठक में स्कूलों के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की एक बार पुन: विस्तारपूर्वक जानकारी दी। साथ ही स्पष्ट किया कि सर्वोच्च न्यायालय की गाइडलाइन का कड़ाई से पालन करें। जिन स्कूली वाहनों में दिशा-निर्देशों का पालन नहीं मिला उन्हें जब्त कर लिया जायेगा। उन्होंने कहा बच्चे स्कूल तक सुरक्षित आएँ और सुरक्षित अपने घर तक पहुँचें, यह स्कूलों की भी जिम्मेदारी है।

स्कूली वाहनों में इन दिशा-निर्देशों का करना होगा पालन

बस के आगे-पीछे बड़े एवं स्पष्ट पढ़ने योग्य अक्षरों में स्कूल बस लिखना अनिवार्य होगा। यदि बस किराए की है तो आगे-पीछे विद्यालयीन सेवा (ऑन स्कूल ड्यूटी) लिखना होगा। स्कूली बस में निर्धारित सीटों से अधिक संख्या में बच्चे नहीं बैठाए जा सकेंगे। बस की खिड़कियों में आड़ी पट्टियां अनिवार्य रूप से लगवानी होंगीं। हर बस में फर्स्ट एड बॉक्स (प्राथमिक चिकित्सा उपचार किट) की व्यवस्था अनिवार्यत: रखनी होगी। स्कूली बस में अग्निशमन यंत्र होना अनिवार्य है। बस पर स्कूल का नाम एवं टेलीफोन नम्बर लिखा होना चाहिए। बस के दरवाजे पर सुरक्षा के लिये डोर हैण्डल लॉक लगा होना चाहिए।

स्कूली बस के वाहन चालक पर न्यूनतम पाँच वर्षों तक भारी वाहन चलाने का अनुभव होना चाहिए। साथ ही वाहन चालक को पूर्व में यातायात नियमों के उल्लंघन का दोषी नहीं होना चाहिए। मोटर वाहन नियम 17 के अनुसार प्रत्येक स्कूली बस में चालक के अलावा एक अन्य योग्य व्यक्ति की व्यवस्था भी अनिवार्य है। बच्चों के स्कूल बैग रखने के लिये सीटों के नीचे जगह की व्यवस्था भी करना होगी। सुरक्षा को ध्यान में रखकर बच्चों के स्कूल आते-जाते समय बस में यथा संभव संस्था के एक शिक्षक की व्यवस्था भी करना चाहिए।

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