1 जुलाई से प्रभाबी हुए नए आपराधिक कानून, डबरा सिटी थाने में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया

डबरा हरीशंकर साहू indialive24news

डबरा ब्रेकिंग

डबरा/ देशभर में 1 जुलाई से नए आपराधिक कानून लागू हो गया है जिसको लेकर सभी जगह थानों में जागरूकता कार्यक्रम किया गया। जिसको लेकर आज डबरा सिटी थाने में आज सोमवार को सुबह 10:00 बजे से जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में जिला न्यायाधीश संजय गुप्ता तो विशिष्ट अतिथि के रूप में डबरा एसडीएम दिव्यांशु चौधरी, पूर्व मंत्री इमरती देवी सुमन, एसडीओपी डबरा विवेक शर्मा मौजूद रहे।

इस अवसर पर कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ की गई। इस अवसर पर वक्ताओं ने नए कानून के संबंध में उपस्थित जन समुदाय को बारीकी से समझाया साथ ही लोगों की भ्रांतियों को भी दूर किया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला न्यायाधीश संजय गुप्ता ने कहा कि पुराने कानून में एक बदलाव आया है एक परिवर्तन आया है। जो अपेक्षा की जाती थी क्योंकि प्रकृति अंतरांत काल से गुजर रही है। निश्चित तौर पर विकास हो रहा है, तो आवश्यकता इस बात की है कि विकास विधि में होना चाहिए।यही कारण है कि भारत सरकार ने इस पर विचार किया और कानून में नए परिवर्तन किए गए। जिससें विक्टिम को भी लाभ प्राप्त हो, मौलिक अधिकार विक्टिम के भी हैं और आरोपी के भी आरोपी को भी नए कानून में इन सब में सामंजस्य बनाने की कोशिश की गई है।कानूनी विषय पर बारीकी से समझाया।इस अवसर पर सिटी थाना प्रभारी यशवंत गोयल ने नए कानून के विषय में बारीकी से लोगो को समझाया।

नए कानून की मदद से अब कोई भी व्यक्ति किसी भी जगह पर एफआईआर दर्ज करवा सकता है। इसके साथ ही ऑनलाइन एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है। शून्य प्राथमिकी (जीरो एफआईआर) के रूप में यह बड़ी राहत और सुविधा प्रदान की गई है। घटना क्षेत्र की पुलिस को पीड़ित को अब 90 दिनों के अंदर जांच की प्रगति रिपोर्ट देनी होगी। इसके साथ-साथ महिलाओं और बच्चों के साथ होने वाले अपराध से निबटने के लिए 37 धाराओं को शामिल किया गया है।

आईपीसी अब भारतीय न्याय संहिता कहलाएगी। अधिकांश आपराधिक धाराएं बदल गई हैं। अब हत्या की धारा 302 की जगह बीएनएस में 103 होगी। नए आपराधिक कानून में आईपीसी और सीआरपीसी में बदलाव किया गया है। नया आपराधिक कानून लागू करने से पूर्व जिले के सभी थानेदार और पुलिस पदाधिकारियों को ट्रेनिंग भी दी गई है।

जिन पुराने अधिनिय़मों में बदलाव किया गया है, उनमें भारतीय दंड संहिता 1860, दंड प्रक्रिया संहिता (1898), 1973 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 1872 शामिल हैं। भारतीय दंड संहिता 1860 के स्थान पर भारतीय न्याय संहिता विधेयक 2023 को लागू किया गया है। इसी तरह दंड प्रक्रिया संहिता 1898 को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता विधेयक 2023 द्वारा प्रतिस्थापित किया गया है। भारतीय साक्ष्य अधिनियम 1872 के स्थान पर भारतीय साक्ष्य विधेयक 2023 लागू किया गया है। तीनों नए कानून एक जुलाई से प्रभावशील हो गए हैं।

नए कानून जागरूकता कार्यक्रम में प्रबुद्धजन, वरिष्ठ नागरिक, महिलाएं ,अभिभाषक एवं पत्रकार उपस्थित रहे।

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