नौतपा के दिन होंगे भारी, सूर्यदेव का रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश

नौतपा एक विशेष खगोलीय घटना है, जिसे ज्योतिष शास्त्र सहित मौसम विज्ञान में काफी महत्वपूर्ण माना गया है। दो शब्दों के संयोग ‘नौ’ और ‘तपा’ से बने ‘नौतपा’ का सामान्य अर्थ है, ‘गर्मी के नौ दिन’। लेकिन गर्मी के ये नौ दिन कोई सामान्य दिन नहीं होते हैं, बल्कि बेहद परेशान करने वाली होती है। आइए जानते हैं, नौतपा क्या है और इसका आम जनजीवन पर क्या असर होता है?

हिन्दू पंचांग के अनुसार, नौतपा की खगोलीय घटना ज्येष्ठ माह में घटित होती है, जो 9 दिनों की अवधि होती है। यह तब शुरू होता है, जब सूर्य नक्षत्र परिवर्तन कर कृत्तिका से निकल कर रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं और वृषभ राशि में स्थित होते हैं। ज्योतिष गणनाओं के अनुसार, नौतपा में सूर्य इस राशि में 10 से 20 डिग्री कोण पर होते हैं और उनकी तेज किरणें धरती पर सीधी पड़ती है। नौ दिनों तक सूर्य की सीधी किरणों के प्रभाव से धरती बुरी तरह से तपने लगती है और तापमान बहुत बढ़ जाता है, तब इसे तब नौतपा कहते हैं।

साल 2024 में नौतपा की शुरुआत 24 मई की रात में 3 बजकर 15 मिनट के बाद सूर्य के कृत्तिका से निकल कर रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करने से होगी। यूं तो सूर्य इस नक्षत्र में लगभग 15 दिनों के लिए गोचर करेंगे, लेकिन इसके शुरूआती 9 दिनों में गर्मी बहुत बढ़ जाता है। माना जा रहा है कि भीषण गर्मी से बेहाल लोगों के लिए नौतपा के 9 दिन उन्हें और भी झुलसाएगी। 3 जून को नौतपा खत्म होने के बाद ही लोगों को कुछ राहत मिलेगी।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ज्येष्ठ महीने में होने वाली यह खास खगोलीय घटना मौसम पर सबसे अधिक असर डालती है। ज्येष्ठ का महीना वैसे भी सबसे गर्म महीना माना जाता है, ऐसे में सूर्य की लम्बवत (सीधी) किरणें जब धरती पर पड़ती है, तो तापमान में जबरदस्त बढ़ोतरी होती है। मौसम विज्ञान के मुताबिक, नौतपा अवधि में धरती का तापमान बढ़ना अच्छी बारिश का संकेत देता है। लेकिन साथ ही यह आशंका भी रहती है कि इससे भीषण आंधी और तूफान आ सकते हैं, जो जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर सकता है।

 यहां दी गई जानकारी ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है।

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